Microsoft Excel – Tutorial 2

इस अध्याय में हम जिन विषयों पर चर्चा करने जा रहे हैं उनके नाम हैं;

 

इस सत्र के लाभ ( Benefit of this tutorial)

 

इस अध्याय से हम Microsoft Excel में डेटा (data) को सही तारीखे से दर्ज (input) करना और उन डेटा (data) को व्यवस्थित (organize) करना जान पाएंगे।

 

प्रभावी ढंग से कीबोर्ड का उपयोग करना (How to use keyboard effectively)

 

तो दोस्तों, आपको इस Microsoft Excel स्क्रीन के बारे में पता होगा, जिसे हम वर्कशीट (worksheet) या वर्कबुक (workbook) के नाम से जानते हैं। जो कुछ भी आप इस स्क्रीन पर देख रहे हैं जैसे रिबन (Ribbon), टैब (Tab), कमांड (command) आदि, उसे हमने ट्यूटोरियल 1 (tutorial 1) में विस्तार से चर्चा की थी, जिसे "Microsoft Excel – Tutorial Part 1" के नाम से प्रकाशित किया गया है। मेरा सुझाव है कि यदि आपने इस ट्यूटोरियल (tutorial) को नहीं देखा है तो आपको यह ट्यूटोरियल (tutorial) अवश्य देखना चाहिए।

 

Microsoft Excel Screen
Microsoft Excel Screen

यह आयताकार बॉक्स (rectangular box) जिसे आप Microsoft Excel वर्कशीट (worksheet) पर देख सकते हैं, जिसे आप कीबोर्ड (keyboard) से एरो (arrow) key की मदद से दायां (right), बयां (left), ऊपर (up) और निचे (down) में ले जा सकते हैं को "सेल पॉइंटर" (Cell Pointer) कहा जाता है। और प्रत्येक आयताकार रेखा (rectangular line) जहां "सेल पॉइंटर" (Cell Pointer) चलती है, उसे "सेल" (cell) कहा जाता है।

प्रत्येक "सेल" का अपना पता (address) होता है जो कि कॉलम (column) और रो (row) को मिला कर बनता है उसे "सेल एड्रेस" (cell address) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि "सेल पॉइंटर" C3 पर रहता है, तो "C" कॉलम (column) और "3" रो (row) होगा और इसका एड्रेस (address) "नाम बॉक्स" (Name Box) में लिखा होगा।



Cell Address, Cell Value & Cell Pointer
Cell Address, Cell Value & Cell Pointer

नोट: अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे वीडियो (video) Microsoft Excel - Tutorial 2 को ज़रूर देखें जो इस ब्लॉग (blog) में मौजूद है।





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